श्री गोविंदलीलामृत: Sri Govinda Lilamritam (Set of 3 Vols) - श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी हिंदी अनुवाद: श्री हरिदास शास्त्री जी महाराज (वृन्दावन) श्रीगोविन्दलीलामृतम् एक अनुपम भक्तिग्रंथ है, जो श्रीवृन्दावनधाम में श्रीराधा-गोविन्द की अष्टकालीन लीलाओं का दिव्य वर्णन करता है। इस ग्रंथ की रचना महान गौड़ीय आचार्य श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा की गई है, जो चैतन्य चरितामृत के भी रचयिता हैं। इस ग्रंथ में प्रेम और रसानुभूति से परिपूर्ण राधा-कृष्ण की दैनिक लीलाएँ – प्रातः काल से लेकर रात्रि विश्राम तक – अत्यंत सूक्ष्म भावनात्मक गहराई और काव्यात्मक सौंदर्य के साथ प्रस्तुत की गई हैं। अनुवादकर्ता पण्डित श्री हरिदास शास्त्री जी महाराज ने न केवल शुद्ध हिंदी में अर्थ किया है, बल्कि संस्कृत श्लोकों का सुंदर, सरस और भावयुक्त व्याख्यान भी किया है जिससे साधकगण लीलाओं का सजीव अनुभव कर सकें। मुख्य विशेषताएँ: अष्टयाम लीलाओं का क्रमबद्ध एवं ग्रंथानुसार विवरण संस्कृत मूल पाठ के साथ शुद्ध हिंदी अनुवाद श्रीराधा-गोविन्द के नित्य वृन्दावन-धाम की झलक साधना एवं लीलामयी स्मरण के लिए अनुपम ग्रंथ
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