top of page

ब्रह्मचर्य: कब, क्यों और कैसे? Bharmcharya Kab, Kyu Aur Kaise By Shri Hit Premanand Govinda Sharan Maharaj -एक आध्यात्मिक, व्यावहारिक और मार्गदर्शक ग्रंथ है, जिसमें ब्रह्मचर्य के वास्तविक अर्थ, उसके महत्व और उसे जीवन में सही तरीके से अपनाने की विधि को सरल भाषा में समझाया गया है। यह पुस्तक स्पष्ट करती है कि ब्रह्मचर्य केवल संन्यासियों तक सीमित नहीं, बल्कि गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी आत्मबल, संयम और आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त साधन है। इस ग्रंथ में यह बताया गया है कि ब्रह्मचर्य का पालन कब आवश्यक है, क्यों आवश्यक है, और कैसे किया जाए, ताकि व्यक्ति मानसिक शांति, शारीरिक शक्ति और आत्मिक विकास प्राप्त कर सके। लेखक ने अपने आध्यात्मिक अनुभवों और शास्त्रीय ज्ञान के आधार पर ब्रह्मचर्य को सहज, व्यवहारिक और आज के युग के अनुकूल रूप में प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक साधकों, विद्यार्थियों, गृहस्थों और आध्यात्मिक जीवन में रुचि रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक है।

ब्रह्मचर्य: कब, क्यों और कैसे? Bharmcharya Kab, Kyu Aur Kaise ?

SKU: 9788198003911
₹350.00Price
Quantity
    No Reviews YetShare your thoughts. Be the first to leave a review.

    Related Products

    bottom of page